California की कंपनी का दावा – “अब सूरज की रोशनी ऑन-डिमांड”
साइंस फिक्शन अब हकीकत बनने जा रहा है। California की स्पेस टेक स्टार्टअप Reflect Orbital Inc. ने दावा किया है कि वो स्पेस में लगे बड़े-बड़े आईने से धरती के किसी भी हिस्से में रात को सूरज की रोशनी भेज सकती है।
कंपनी का प्लान क्या है?
- कौन है Reflect Orbital: हॉथोर्न, California की प्राइवेट कंपनी। 2021 में SpaceX के पूर्व इंजीनियर Ben Nowack ने शुरू की। Sequoia Capital, Lux Capital जैसे इन्वेस्टर हैं
- टेक्नोलॉजी: 60 फीट से 180 फीट तक के हल्के Mylar आईने वाले सैटेलाइट। इन्हें “Eärendil” सीरीज कहा गया है
- कैसे काम करेगा: सैटेलाइट सूरज और रात के बीच वाली लाइन “Terminator Line” पर उड़ेगा। धरती पर अंधेरा होते ही आईना झुकेगा और सूरज की रोशनी को 3-5 km के इलाके पर फोकस करेगा
कहां-कहां रोशनी भेजी जा सकेगी?
कंपनी के CEO Ben Nowack के मुताबिक इसे इस्तेमाल किया जा सकेगा:
- सोलर फार्म: रात में भी बिजली बन सकेगी। सोलर प्लांट 24 घंटे चलेंगे
- डिजास्टर/Rescue: भूकंप, बाढ़ में रात भर सर्च-रेस्क्यू ऑपरेशन
- कंस्ट्रक्शन + खेती: रात में काम के घंटे बढ़ेंगे, फसल का साइकिल बढ़ेगा
- स्ट्रीट लाइट की जगह: शहरों में लाइट पोल कम हो सकते हैं
कीमत कितनी?
एक आईने की रोशनी का रेट $5,000/घंटा ≈ ₹4.6 लाख/घंटा रखा गया है, अगर साल का 1000 घंटे का कॉन्ट्रैक्ट हो। जमीन से देखने पर ये सैटेलाइट Full Moon जितना चमकदार दिखेगा।
कब तक लॉन्च?
- EARENDIL-1: 60 फीट का प्रोटाइप सैटेलाइट FCC से लाइसेंस का इंतजार कर रहा है। 2026 में टेस्ट लॉन्च प्लान है
- फुल कॉन्स्टेलेशन: 2030 तक 5,000 सैटेलाइट और 2035 तक 50,000 सैटेलाइट का टार्गेट
विवाद भी कम नहीं
वैज्ञानिकों ने अलार्म बजा दिया है:
- Astronomers: रात का आसमान पहले ही Starlink से खराब है। ये आईने टेलीस्कोप के लिए “Light Pollution” बढ़ाएंगे। Illinois Uni के प्रो. Siegfried Eggl बोले “पूरी सभ्यता पर असर पड़ेगा”
- Ecology: रात को रोशनी से जानवरों का Sleep Cycle.
- Efficiency: Monash Uni के खगोलशास्त्री Michael Brown बोले – 180 फीट का आईना भी दोपहर के सूरज का सिर्फ 1/140,000 हिस्सा ही दे पाएगा .
