फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ वीराज को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को “दुर्लभ से दुर्लभतम” (Rarest of Rare) श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया। यह फैसला घटना के लगभग 41 दिनों के भीतर आया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी जितेंद्र पाठक बच्चे की मां से शादी करना चाहता था। जब महिला ने विवाह का प्रस्ताव ठुकरा दिया तो उसने मासूम आरव को रास्ते का रोड़ा मान लिया। आरोप है कि वह बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया और सुनसान जगह पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से जांच पूरी की और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई।
इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका का आभार जताया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस निर्णय से ऐसे जघन्य अपराध करने वालों में कानून का भय पैदा होगा। वहीं, इस फैसले को लेकर आम लोगों ने भी संतोष व्यक्त किया है और इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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