:मरीजों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने “Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026” के तहत सभी तरह के सिरप/दवाओं की ओवर-द-काउंटर OTC बिक्री पर रोक लगा दी है। ये नियम 16 जून 2026 से देशभर में लागू हो गए।
कौन सी 16 दवाओं पर रोक? असल में पूरी कैटेगरी बैन
सरकार ने किसी 16 ब्रांड का नाम नहीं लिया, बल्कि “Schedule K” से ‘Syrups’ शब्द हटा दिया। इसका मतलब:
अब ये सभी सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगे:
- कफ/खांसी के सिरप: Phensedyl, Corex, Eskof, Benadryl जैसे कोडीन वाले सिरप
- बच्चों के सिरप: बुखार, सर्दी-जुकाम वाले सभी लिक्विड मेडिसिन
- पेनकिलर + एंटीबायोटिक सिरप: Nimesulide+Paracetamol, Amoxicillin+Bromhexine कॉम्बो
- डायबिटीज/अन्य FDC सिरप: Glimepiride+Pioglitazone+Metformin कॉम्बो.
कुल मिलाकर ₹57,000 करोड़ का कफ-कोल्ड सिरप मार्केट अब पर्चे पर ही चलेगा।
रोक क्यों लगाई? 3 बड़ी वजह
- दुरुपयोग: UP FSDA ने दिसंबर 2025 में करोड़ों की कोडीन सिरप की तस्करी पकड़ी थी। ये नशे के लिए इस्तेमाल हो रहे थे
- क्वालिटी/सुरक्षा: बच्चों की मौत + कमजोर क्वालिटी स्टैंडर्ड की शिकायतें लगातार आ रही थीं
- डोज का खतरा: बिना डॉक्टर की सलाह गलत डोज से साइड इफेक्ट और मौत तक हो जाती थी
नया नियम क्या है?
- पर्चा जरूरी: अब मेडिकल स्टोर पर कोई भी सिरप खरीदने के लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर की वैलिड पर्ची दिखानी होगी
- कानूनी एक्शन: बिना पर्चे बेचने वाले मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द + FIR होगी
- कब से: 16 जून 2026, मंगलवार से तुरंत प्रभावी
मरीजों पर असर क्या पड़ेगा?
फायदा: गलत दवा/गलत डोज से बचाव। डॉक्टर की निगरानी में इलाज होगा।
नुकसान: सर्दी-जुकाम में पहले वाली Benadryl अब तुरंत नहीं मिलेगी। डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा।
सरकार का बयान: “Drug Technical Advisory Board से सलाह के बाद ये फैसला लिया गया। उद्देश्य – मरीज की सुरक्षा और दवाओं पर बेहतर नियंत्रण”
आपके घर में कोई सिरप की दवा चल रही है? डॉक्टर से पर्चा बनवा लें वरना मेडिकल स्टोर मना कर देगा।
