रोबोटिक्स की दुनिया में ऐसी तकनीक सामने आ रही है, जो मशीन और इंसानी शरीर के बीच का अंतर तेजी से कम कर रही है। पोलैंड की रोबोटिक्स कंपनी Clone Robotics ने ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित किया है, जिसका ढांचा पारंपरिक रोबोटों से काफी अलग है। इसमें इंसानी शरीर की संरचना से प्रेरित 206 कृत्रिम हड्डियां और 1,000 से अधिक कृत्रिम मांसपेशी फाइबर यानी Myofibers लगाए गए हैं।
इंसानी शरीर की तरह तैयार किया गया ढांचा
आमतौर पर ह्यूमनॉइड रोबोट में मोटर, गियर और कठोर धातु के एक्ट्यूएटर इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन Clone Robotics का डिजाइन मानव शरीर के मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम की नकल करने की कोशिश करता है। रोबोट के कृत्रिम कंकाल में 206 हड्डियों के समान संरचनाएं हैं, जिन्हें जोड़ों और कृत्रिम मांसपेशियों के जरिए गति दी जाती है।
क्या हैं Myofibers?
Myofibers कंपनी की विकसित की गई कृत्रिम मांसपेशी तकनीक है। इंसान में मांसपेशियां सिकुड़कर हड्डियों और जोड़ों को गति देती हैं। इसी सिद्धांत से प्रेरित होकर रोबोट में कृत्रिम मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ा गया है। इससे रोबोट की गतिविधियां पारंपरिक मोटर-आधारित मशीनों की तुलना में ज्यादा जैविक और लचीली बनाने का प्रयास किया गया है।
पानी के दबाव से चलती हैं कृत्रिम मांसपेशियां
इस रोबोट की एक खास बात इसका एक्ट्यूएशन सिस्टम है। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, सिस्टम में पंप और दबाव वाले तरल पदार्थ की मदद से कृत्रिम मांसपेशियों को सक्रिय किया जाता है। यह व्यवस्था कुछ हद तक मानव शरीर में रक्त संचार और मांसपेशियों के काम करने की प्रक्रिया से प्रेरित है।
200 से ज्यादा डिग्री ऑफ फ्रीडम
Protoclone को कंपनी ने एक musculoskeletal android के तौर पर पेश किया है। इसके डिजाइन में 200 से अधिक degrees of freedom यानी अलग-अलग दिशाओं में नियंत्रित गति की क्षमता बताई गई है। इसके साथ बड़ी संख्या में सेंसर लगाए गए हैं, ताकि मशीन अपने आसपास की स्थिति और अपनी गतिविधियों को समझ सके।
भविष्य में घर के काम में इस्तेमाल का लक्ष्य
इस तरह की तकनीक का लक्ष्य केवल रोबोट को इंसान जैसा दिखाना नहीं है, बल्कि उसे इंसान की तरह चलने-फिरने और वस्तुओं को संभालने में सक्षम बनाना है। कंपनी भविष्य में ऐसे रोबोटों को घरेलू और अन्य रोजमर्रा के कामों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
हालांकि, यह तकनीक अभी विकास और व्यावहारिक परीक्षण के दौर में है। इसलिए इसे पूरी तरह इंसान जैसी क्षमता वाला रोबोट कहना जल्दबाजी होगी। फिर भी 206 कृत्रिम हड्डियों और 1,000 से ज्यादा Myofibers वाला यह डिजाइन रोबोटिक्स में मानव शरीर की नकल करने की दिशा में एक बेहद दिलचस्प प्रयोग माना जा रहा है।
खास बात: यह रोबोट इंसान की नकल करने के लिए केवल बाहरी रूप पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसके अंदरूनी ढांचे को भी मानव शरीर के कंकाल, मांसपेशियों और जोड़ों की कार्यप्रणाली से प्रेरित किया गया है।
