नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। यह इमारत छात्रों के रहने के लिए PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, NDRF और अन्य राहत-बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
मलबे के अंदर से आ रही थीं मदद की कॉल
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, मलबे में फंसे कुछ छात्रों ने फोन के जरिए मदद की गुहार लगाई। रिपोर्टों में करीब 30 से 50 छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई है, हालांकि अधिकारियों की ओर से फंसे लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बेसमेंट में चल रहा था काम
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक इमारत के बेसमेंट में निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों ने पानी जमा होने और इमारत की नींव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच की जा रही है।
रेस्क्यू टीमों द्वारा मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है ताकि अंदर फंसे लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके। प्रशासन की प्राथमिकता सभी संभावित पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे के बाद इलाके में आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
नोट: राहत एवं बचाव अभियान जारी है। मृतकों, घायलों और मलबे में फंसे लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आ रही हैं, इसलिए आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
