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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामलों में इस साल तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 229 थी। दिल्ली में कुल Influenza-A के 2,392 मामले दर्ज किए गए हैं।
मामलों में तेजी को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी है और अस्पतालों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी दिल्ली में इन्फ्लुएंजा की स्थिति और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की है।
घबराने की नहीं, सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा संक्रमण किसी नए या अधिक खतरनाक H1N1 वायरस के कारण नहीं है। ICMR से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में फैल रहा वायरस पहले से मौजूद H1N1 वैरिएंट से संबंधित है और इसमें किसी नए स्ट्रेन के सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत?
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू के गंभीर होने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
क्या हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण?
H1N1 में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सांस लेने में परेशानी या लगातार बिगड़ते लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कैसे करें बचाव?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाथों की नियमित सफाई, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना, भीड़भाड़ और खराब वेंटिलेशन वाली जगहों में सावधानी बरतना तथा बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग अफवाहों से बचें और जरूरी सावधानी बरतें। H1N1 का बढ़ना चिंता का विषय जरूर है, लेकिन इसे किसी नए या अज्ञात वायरस का प्रकोप नहीं माना जा रहा है।
