नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर विपक्षी नेताओं के धरने के दौरान मंगलवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब पुलिस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को धरना स्थल से हटा दिया।
विपक्षी दलों के नेता केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री से जवाबदेही की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कुछ समय तक धरना जारी रहने के बाद पुलिस ने नेताओं को वहां से हटाते हुए प्रदर्शन समाप्त कराया।
बताया जा रहा है कि धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बातचीत भी की, हालांकि दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को वहां से हटा दिया।
इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार को दबाने का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।
इस घटना के बाद राजधानी की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है और विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने के संकेत दिए हैं।
- नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हमला, गुरुद्वारे के पास हुई घटना
- दुनिया में लगातार क्यों कांप रही धरती? क्या बढ़ रही है भूकंपों की रफ्तार, वैज्ञानिकों ने बताई असली वजह
- पश्चिमी यूपी में कांवड़ यात्रा के दौरान हादसों का कहर, पांच कांवड़ियों की मौत
- बाजार में फिर बढ़ी चीनी लहसुन की चर्चा, गुणवत्ता और आयात पर उठे सवाल
- पत्नी और कथित प्रेमी पर पति की हत्या की साजिश का आरोप, चैट से खुला मामला
