अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में बुधवार 10 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान से जुड़े शिपिंग को रोकने के लिए चलाई जा रही नाकेबंदी का हिस्सा था।
कैसे हुआ हादसा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के मुताबिक, पलाऊ देश के झंडे वाला ऑयल-केमिकल टैंकर MT Settebello अमेरिकी निर्देशों का बार-बार उल्लंघन कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम पर सटीक म्यूनिशन दागे। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और ओमानी नौसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया।
भारत का रुख
भारत सरकार ने इस हमले की निंदा करते हुए अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इसे “गहरा दुर्भाग्यपूर्ण हादसा” बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि “क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए”।
