अमेरिका और ईरान के बीच 3 महीने से चल रहे तनाव के बीच शुक्रवार 12 जून 2026 को बड़ी खबर आई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहमति अब तक के सबसे नजदीक है।
क्या बोले ईरानी विदेश मंत्री?
अराघची ने X पर पोस्ट कर लिखा: पहले कभी इतना करीब नहीं था। फाइनल होने तक मीडिया से अनुरोध है कि वो कंटेंट पर अटकलें न लगाए। हमारी जिम्मेदार और पारदर्शी सोच के हिसाब से सारी डिटेल समय पर जनता के साथ शेयर की जाएगी”। उनके इस बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी Truth Social पर रीपोस्ट किया।
डील में क्या-क्या शामिल?
अमेरिकी और पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक समझौते के मुख्य बिंदु ये हैं:
- होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना: ईरान होर्मुज को 30 दिन में फिर से खोलेगा। ईरान-ओमान मिलकर इसकी निगरानी करेंगे। अराघची ने कहा कि होर्मुज पर ‘टोल’ नहीं, ‘सर्विस फीस’ ली जाएगी।
- अमेरिकी नाकेबंदी हटेगी: अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा।
- परमाणु मुद्दा बाद में: इस चरण में परमाणु कार्यक्रम पर बात नहीं हुई। 60 दिन की बातचीत के बाद फाइनल समझौता होगा। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना न्यूक्लियर मैटेरियल नष्ट करे और प्रोग्राम बंद करे।
- लेबनान युद्धविराम: डील में लेबनान में सभी मोर्चों पर युद्धविराम भी शामिल है।
- प्रतिबंध-फंड: ईरान चाहता है कि तेल पर प्रतिबंध हटे और फ्रीज फंड रिलीज हों। अमेरिका ने कहा कि पैसा तभी मिलेगा जब ईरान शर्तें पूरी करेगा
दुनिया का रिएक्शन
डील की खबर से तेल की कीमतें गिर गईं। ब्रेंट क्रूड 3.4% गिरकर $87.33 प्रति बैरल पर आ गया। इजरायल ने डील पर नाराजगी जताई और कहा कि ये उनके हितों के मुताबिक नहीं है।
अभी फाइनल नहीं
हालांकि अराघची ने कहा कि अभी भी बदलाव संभव हैं और MoU पर साइन नहीं हुए हैं। ईरान ने कहा कि वो युद्ध में “विजेता” बनकर निकला है।
पिछले हफ्ते भी ट्रंप ने “great settlement” की बात कही थी, लेकिन ईरान ने तब कहा था कि कोई टाइमलाइन तय नहीं है। db09
अगर ये डील हो जाती है तो होर्मुज से गुजरने वाले दुनिया के 20% तेल-गैस की सप्लाई पर असर पड़ेगा और वैश्विक बाजार को राहत मिलेग
