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शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी दिन दबाव देखने को मिला। मंगलवार, 29 सितंबर को Sensex 242.65 अंक गिरकर 72,529.07 पर और Nifty 64.05 अंक टूटकर 22,716.20 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान Sensex करीब 708 अंक और Nifty करीब 210 अंक तक फिसल गया था। हालांकि बाद में बाजार ने निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी की।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या है?
शेयर बाजार की मौजूदा कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण एक साथ काम कर रहे हैं।
महंगा कच्चा तेल: West Asia में तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता के कारण Brent crude करीब 105-107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगे तेल से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 28 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार से करीब 5,353 करोड़ रुपये की निकासी की। सितंबर में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार की धारणा पर दबाव डाल रही है।
रुपये की कमजोरी: मंगलवार को भारतीय रुपया 96 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से नीचे चला गया और करीब 96.1450 प्रति डॉलर तक पहुंचा। कमजोर रुपया महंगे तेल के असर को और बढ़ा सकता है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: US 10-year Treasury yield 5.2 फीसदी से ऊपर रहने से वैश्विक निवेशकों के लिए डॉलर आधारित परिसंपत्तियां आकर्षक बनी हुई हैं। इससे emerging markets में पूंजी प्रवाह पर दबाव पड़ सकता है।
भू-राजनीतिक तनाव: West Asia में संघर्ष और Iran-US तनाव को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसके साथ F&O expiry की volatility ने भी मंगलवार के कारोबार में उतार-चढ़ाव बढ़ाया।
निवेशकों को अब क्या सावधानी रखनी चाहिए?
बाजार में अचानक आई गिरावट के दौरान घबराकर जल्दबाजी में खरीदारी या बिक्री करने के बजाय अपनी निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को देखना जरूरी है।
सोशल मीडिया या WhatsApp पर मिलने वाली अफवाहों के आधार पर शेयर न खरीदें।
किसी एक शेयर या सेक्टर में पूरा पैसा लगाने से बचें।
कर्ज लेकर निवेश या अत्यधिक जोखिम वाली ट्रेडिंग से सावधान रहें।
जिन शेयरों में निवेश है, उनके कारोबार, कर्ज, मुनाफे और valuation की समीक्षा करें।
लंबी अवधि के निवेशक रोजाना के उतार-चढ़ाव के बजाय अपने मूल निवेश उद्देश्य पर ध्यान दें।
बाजार में गिरावट को अपने आप में किसी शेयर की खरीदारी का संकेत न मानें।
जरूरत पड़ने पर किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से व्यक्तिगत सलाह लें।
क्या बाजार में और गिरावट आएगी?
इस समय निश्चित रूप से यह कहना संभव नहीं है कि बाजार आगे किस दिशा में जाएगा। आने वाले दिनों में crude oil की कीमत, West Asia की स्थिति, FII flows, रुपये की चाल और अमेरिकी bond yields बाजार के प्रमुख संकेतक रहेंगे।
29 सितंबर की गिरावट को व्यापक संदर्भ में देखें तो सितंबर में Nifty अब तक करीब 5.7 फीसदी नीचे है।
ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात बाजार की हर छोटी गिरावट या तेजी पर प्रतिक्रिया देने के बजाय अपने जोखिम और निवेश उद्देश्य के अनुसार निर्णय लेना है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार सामान्य बाजार जानकारी के लिए है। इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की व्यक्तिगत निवेश सलाह न माना जाए।
