2026 का मानसून अभी से अलार्म बजा रहा है। IMD + सरकार दोनों कह रहे हैं “सामान्य से कम बारिश” होगी।
1. अभी हालत क्या है – जून 2026
- 43% डेफिसिट: 23 जून तक देश में 43% कम बारिश हुई है
- सबसे सूखा जून: 4 जून से 22 जून तक सिर्फ 53.1mm बारिश, normal 97.6mm होता है। 146 साल में सबसे सूखा जून
- राज्यवार हाल: गुजरात 84% कम, महाराष्ट्र 85% कम, मध्य प्रदेश 58% कम, छत्तीसगढ़-झारखंड 71% कम .
IMD का अनुमान: पूरा सीजन LPA का सिर्फ 90% रहेगा। 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून .
2. चिंता क्यों है? 5 बड़ी वजह
- खरीफ फसल पर खतरा: जून-जुलाई में धान, सोयाबीन, कपास, मक्का की बुआई होती है। अभी 22 जून तक सिर्फ 10% एरिया में बुआई हुई। 111 जिले “high risk” – वहां सिंचाई 25% से भी कम है
- महंगाई बढ़ेगी: ICICI Bank रिपोर्ट – कम बारिश से CPI 0.4% बढ़ सकता है। दाल, सब्जी, अनाज महंगे होंगे। NSE ने भी FY27 के लिए मानसून को सबसे बड़ा रिस्क बताया
- पानी + बिजली संकट: मानसून से 70% सालाना पानी मिलता है। कम बारिश = जलाशय खाली + हाइड्रोपावर घटेगा
- एल नीनो का असर: प्रशांत महासागर में El Niño बन रहा है। 16 में से 10 बार El Niño = कम बारिश। अगस्त-सितंबर में असर सबसे ज्यादा पड़ेगा
- किसानों पर दबाव: 60% किसान पूरी तरह मानसून पर निर्भर हैं। UP, राजस्थान, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा-विदर्भ में सूखे जैसे हालात की आशंका .
3. सरकार क्या कर रही है?
- कंटीजेंसी प्लान: 300+ जिलों के लिए प्लान तैयार। कम पानी वाली फसल – दाल, मिलेट, तिलहन बोने की सलाह
- बफर स्टॉक: सरकार के पास चावल-गेहूं का स्टॉक “healthy” है। जरूरत पड़ी तो import भी करेंगे
- जल संरक्षण: तालाब, चेक डैम रिपेयर + वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर .
4. थोड़ी राहत की बात
- सिंचाई बेहतर: 2015 के मुकाबले अब सिंचाई सुविधाएं ज्यादा हैं
- पॉजिटिव IOD: सितंबर में इंडियन ओशन डाइपोल पॉजिटिव हो सकता है। वो बारिश बढ़ाता है और El Niño का असर कम करता है
- पूरे देश में एक जैसा नहीं: पूर्वोत्तर + कुछ तटीय इलाकों में सामान्य बारिश हो सकती है .
किसान भाई क्या करें अभी:
सरकार सलाह दे रही है – जल्दबाजी में बुआई मत करो। बारिश का इंतजार करो और कम पानी वाली फसल/बीज का विकल्प रखो।
