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लखनऊ। परफ्यूम और डियोड्रेंट आज रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। बाजार में मिलने वाले कई perfumes के ingredients में “Alcohol”, “Ethanol” या “Alcohol Denat.” लिखा होता है। ऐसे में मुस्लिमों के बीच अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या alcohol वाला perfume लगाना इस्लाम में जायज़ है? क्या इसे लगाने के बाद नमाज़ पढ़ी जा सकती है?
इस सवाल का जवाब इतना सीधा नहीं है, क्योंकि इस मुद्दे पर इस्लामी विद्वानों के बीच फिक्ही मतभेद पाया जाता है।
शराब और perfume में इस्तेमाल होने वाले alcohol को एक मानना जरूरी नहीं
इस्लामी कानून में “खमर” यानी नशीली शराब का सेवन स्पष्ट रूप से निषिद्ध है। लेकिन perfume में इस्तेमाल होने वाले हर प्रकार के alcohol को विद्वान शराब के समान नहीं मानते।
विशेष रूप से Hanafi फिक्ह से जुड़े कई विद्वानों के अनुसार, आज perfumes और cosmetics में इस्तेमाल होने वाला alcohol अक्सर ऐसा chemical या synthetic alcohol होता है जो पीने के लिए तैयार नहीं किया जाता। ऐसे alcohol के बाहरी इस्तेमाल को जायज़ माना गया है।
एक Hanafi फतवे में यह भी कहा गया है कि अगर perfume में इस्तेमाल alcohol अंगूर या खजूर से प्राप्त न होकर synthetic या दूसरे स्रोतों से बना हो, तो उसका बाहरी इस्तेमाल जायज़ माना जा सकता है।
क्या alcohol वाला perfume लगाने से नमाज़ नहीं होगी?
इस सवाल पर भी विद्वानों के अलग-अलग मत हैं।
कुछ विद्वानों का कहना है कि perfume में मौजूद ऐसा alcohol नापाक नहीं माना जाता, इसलिए उसे कपड़ों या शरीर पर लगाकर नमाज़ पढ़ना जायज़ है। इस मत के अनुसार perfume लगाने के बाद कपड़े बदलना या शरीर को धोना जरूरी नहीं है।
दूसरी ओर, कुछ विद्वान alcohol-containing perfume से बचने को अधिक एहतियाती तरीका मानते हैं, खासकर तब जब उसमें इस्तेमाल alcohol का स्रोत स्पष्ट न हो। कुछ Hanafi विद्वानों ने भी इस मतभेद की वजह से alcohol-free perfume को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
अंगूर या खजूर से प्राप्त alcohol का मामला अलग
Hanafi फिक्ह की कुछ व्याख्याओं में alcohol के स्रोत को महत्वपूर्ण माना गया है। यदि alcohol अंगूर या खजूर से प्राप्त उस प्रकार का हो जिसे खमर के दायरे में माना जाता है, तो उसका इस्तेमाल जायज़ नहीं माना जाता।
वहीं, perfumes में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले chemical या synthetic alcohol के बारे में कई Hanafi विद्वान बाहरी इस्तेमाल की अनुमति देते हैं।
सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?
अगर कोई व्यक्ति इस विवाद से पूरी तरह बचना चाहता है, तो alcohol-free perfume या attar इस्तेमाल करना सबसे आसान एहतियाती विकल्प है। इससे alcohol के स्रोत और उसकी धार्मिक स्थिति को लेकर होने वाली बहस से बचा जा सकता है।
हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि हर alcohol-based perfume को सभी इस्लामी विद्वान हराम मानते हैं। उपलब्ध फतवों से स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर अलग-अलग फिक्ही राय मौजूद हैं।
निष्कर्ष
इस्लामी दृष्टि से alcohol-based perfume का मामला alcohol के प्रकार, उसके स्रोत और अपनाए जाने वाले फिक्ही मत पर निर्भर कर सकता है। कई Hanafi विद्वान synthetic या non-wine alcohol वाले perfumes के बाहरी इस्तेमाल को जायज़ मानते हैं और ऐसे perfume के साथ नमाज़ को भी सही मानते हैं। वहीं, कुछ विद्वान एहतियात के तौर पर इससे बचने की सलाह देते हैं।
इसलिए किसी व्यक्ति के लिए अपने मस्लक/फिक्ह का पालन करने वाले विश्वसनीय स्थानीय मुफ्ती या आलिम से specific product के ingredients देखकर राय लेना बेहतर है।
नोट: यह लेख सामान्य धार्मिक जानकारी के उद्देश्य से है। व्यक्तिगत फतवे के लिए योग्य इस्लामी विद्वान से सलाह लेना उचित है।
