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लंदन/यरुशलम, 15 अगस्त 2026: इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ब्रिटेन को लेकर एक विवादित टिप्पणी की है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने मौजूदा ब्रिटेन को व्यंग्यात्मक रूप से “Islamic Republic of Britain” यानी “ब्रिटेन का इस्लामी गणराज्य” कहा। उनकी इस टिप्पणी पर ब्रिटिश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया है।
इजरायल समर्थक ब्रिटिश कवरेज का किया जिक्र
रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान ब्रिटिश लेखक रैंडॉल्फ चर्चिल का उल्लेख किया और 1967 के छह-दिवसीय युद्ध के दौरान इजरायल के प्रति उनके सकारात्मक कवरेज की बात कही। इसके बाद उन्होंने मौजूदा ब्रिटेन की मीडिया और राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए देश को “Islamic Republic of Britain” कहा।
नेतन्याहू ने आगे परमाणु हथियारों का भी संदर्भ देते हुए ब्रिटेन को लेकर इसी अंदाज में टिप्पणी की। यह बयान ऐसे समय आया है जब गाजा युद्ध और इजरायल की नीतियों को लेकर ब्रिटेन और इजरायल के संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है।
ब्रिटेन ने जताई कड़ी नाराजगी
नेतन्याहू की टिप्पणी पर ब्रिटिश सरकार के प्रवक्ता ने इसे “completely unacceptable” करार दिया। ब्रिटेन ने कहा कि इस मुद्दे को इजरायली सरकार के सामने उठाया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच पहले से ही गाजा युद्ध, इजरायल की नीतियों और ब्रिटेन के रुख को लेकर मतभेद चल रहे हैं। ऐसे में नेतन्याहू की ताजा टिप्पणी से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और चर्चा बढ़ने की संभावना है।
बयान पर क्यों हो रहा है विवाद?
ब्रिटेन एक संवैधानिक राजशाही और संसदीय लोकतंत्र है तथा “Islamic Republic” उसका आधिकारिक संवैधानिक स्वरूप नहीं है। इसलिए नेतन्याहू का यह शब्द-प्रयोग राजनीतिक व्यंग्य और ब्रिटेन की मौजूदा नीतियों पर उनकी नाराजगी के संदर्भ में देखा जा रहा है, न कि ब्रिटेन की वास्तविक संवैधानिक व्यवस्था के वर्णन के रूप में।
नोट: यह खबर नेतन्याहू के बयान और उसके बाद ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रिया पर आधारित है।
