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एक बार फिर बाजार में चीनी लहसुन (Chinese Garlic) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कम कीमत और आकर्षक सफेद रंग के कारण यह कई बाजारों में दिखाई देता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और भारत में इसके आयात को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को केवल कीमत देखकर लहसुन नहीं खरीदना चाहिए, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्रोत और ताजगी पर भी ध्यान देना चाहिए। भारतीय लहसुन स्वाद और तीखेपन के लिए जाना जाता है, जबकि चीनी लहसुन अपेक्षाकृत बड़ा और अधिक सफेद दिखाई देता है।
बीते वर्षों में चीनी लहसुन की कथित तस्करी और अवैध बिक्री को लेकर भी कई रिपोर्टें सामने आई थीं। हालांकि, किसी भी लहसुन को केवल उसके मूल देश के आधार पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताने का कोई व्यापक वैज्ञानिक निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए उपभोक्ताओं को अफवाहों से बचते हुए विश्वसनीय विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए।
क्या करें उपभोक्ता?
विश्वसनीय दुकानदार से ही लहसुन खरीदें।
गुणवत्ता और ताजगी की जांच करें।
संदिग्ध या बिना जानकारी वाले उत्पादों से बचें।
किसी भी वायरल दावे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करें।
