आजकल डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में लोग अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करना चाहते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करें। ऐसी ही एक पौष्टिक दाल है कुल्थी दाल, जिसे अंग्रेज़ी में हॉर्स ग्राम कहा जाता है। यह दाल पोषक तत्वों से भरपूर मानी जाती है और कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं।
कुल्थी दाल में फाइबर, प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है, जिससे यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देती। यही कारण है कि यह दाल डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद मानी जाती है। इसके नियमित और संतुलित सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और लंबे समय तक भूख भी कम लगती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुल्थी दाल वजन कम करने में भी मदद कर सकती है। मोटापा डायबिटीज का एक बड़ा कारण माना जाता है, इसलिए वजन नियंत्रित रखना जरूरी होता है। इसके अलावा यह पाचन तंत्र को बेहतर रखने और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में भी सहायक मानी जाती है।
कुल्थी दाल खाने का सही तरीका
दाल को रातभर पानी में भिगोकर रखें।
अगले दिन इसे अच्छी तरह उबालकर हल्के मसालों के साथ खाएं।
इसका सूप भी बनाया जा सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
सप्ताह में 2 से 3 बार सीमित मात्रा में सेवन करना बेहतर माना जाता है।
हालांकि, किसी भी चीज़ का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट में कुल्थी दाल शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
