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तेहरान। अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमताओं को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से कहा गया है कि यदि अमेरिका या इजरायल ने ईरान पर दोबारा हमला किया तो तेहरान युद्ध की रणनीति, लक्ष्यों और हथियारों के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है। ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि उसके पास ऐसी नई सैन्य क्षमताएं और हथियार हैं, जिनके इस्तेमाल से दुनिया हैरान हो सकती है।
नए हथियारों को लेकर क्या कहा ईरान ने?
IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी के मुताबिक, भविष्य में अगर ईरान पर हमला होता है तो जवाब पहले की तरह सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान युद्ध का दायरा और इस्तेमाल किए जाने वाले सैन्य साधनों को बदल सकता है।
ईरानी पक्ष ने इन कथित नए हथियारों की तकनीकी जानकारी, उनकी संख्या, मारक क्षमता या तैनाती के स्थान का खुलासा नहीं किया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान किन हथियार प्रणालियों की बात कर रहा है।
क्या है इस दावे का मतलब?
ईरान के पास पहले से ही लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन जैसी सैन्य क्षमताएं हैं। तेहरान लगातार अपनी मिसाइल और ड्रोन तकनीक को विकसित करने का दावा करता रहा है।
हालांकि, इस बार ईरानी अधिकारी द्वारा “नई क्षमताओं” और “नए हथियारों” का उल्लेख किए जाने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान किसी ऐसी सैन्य तकनीक की ओर इशारा कर रहा है जिसे उसने अभी सार्वजनिक नहीं किया है।
अभी तक सामने नहीं आई कोई ठोस तकनीकी जानकारी
ईरान के इस बयान को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कथित नए हथियार के बारे में अभी कोई स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईरान के पास वास्तव में ऐसी कौन-सी नई हथियार प्रणाली है जो युद्ध की दिशा बदल सकती है।
विशेषज्ञों के लिए भी फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान का यह बयान किसी वास्तविक नई सैन्य तकनीक का संकेत है या फिर संभावित दुश्मनों को रणनीतिक संदेश देने का प्रयास।
बढ़ते तनाव के बीच आया बयान
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच यह बयान सामने आया है। ऐसे में ईरान का संदेश साफ तौर पर यह संकेत देता है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में वह अपनी प्रतिक्रिया पहले से अलग रखने की तैयारी कर सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान जिन “नए हथियारों” और “नई क्षमताओं” का दावा कर रहा है, क्या वह भविष्य में उनके बारे में कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक करता है।
