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नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026: देश में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर शुल्क (Merchant Discount Rate – MDR) लगाए जाने की संभावनाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार द्वारा प्रस्तावित विधायी संशोधनों के बाद भविष्य में बड़े मूल्य के कुछ UPI लेनदेन पर MDR लागू करने का कानूनी प्रावधान संभव हो सकता है, हालांकि फिलहाल आम उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का शुल्क वसूलने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक (Person-to-Merchant) UPI भुगतान पर 0.25% से 0.4% तक MDR लगाने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, व्यक्ति से व्यक्ति (Person-to-Person) होने वाले UPI ट्रांसफर पूर्व की भांति पूर्णतः निशुल्क रहेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी स्पष्ट किया है कि आम UPI उपयोगकर्ताओं पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यदि भविष्य में MDR लागू किया जाता है, तो उसका भार मुख्यतः व्यापारियों पर होगा, उपभोक्ताओं पर नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि UPI नेटवर्क के संचालन और डिजिटल भुगतान ढांचे की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक हो सकता है। हालांकि, व्यापारी वर्ग का कहना है कि यदि उन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो इसका प्रभाव वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार की ओर से उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान पर किसी नए शुल्क की कोई घोषणा नहीं की गई है। अतः सोशल मीडिया पर प्रसारित उन दावों से सावधान रहने की आवश्यकता है, जिनमें यह कहा जा रहा है कि ₹2,000 से अधिक के प्रत्येक UPI भुगतान पर तत्काल शुल्क लागू होगा। वर्तमान में ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है।
