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लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के लारी कार्डियोलॉजी विभाग ने हृदय रोग के इलाज में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने पहली बार उत्तर प्रदेश में अत्यधिक कैल्शियम से जमी और पूरी तरह बंद हृदय धमनी (कॉरोनरी आर्टरी) का सफल इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के किया है।
इस जटिल प्रक्रिया के लिए डॉक्टरों ने अत्याधुनिक लेजर एथरेक्टॉमी (Laser Atherectomy) और रोटाब्लेशन (Rotablation) यानी डायमंड ड्रिल तकनीक का इस्तेमाल किया। इन तकनीकों की मदद से धमनी में वर्षों से जमे कठोर कैल्शियम को हटाया गया, जिससे रक्त प्रवाह सामान्य हो सका। इसके बाद सफलतापूर्वक स्टेंट प्रत्यारोपित किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार यह प्रक्रिया दो मरीजों पर सफलतापूर्वक की गई है। दोनों मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन मरीजों की धमनियों में अत्यधिक कैल्शियम जमा होने के कारण सामान्य एंजियोप्लास्टी करना मुश्किल होता है, उनके लिए यह तकनीक एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकती है। इससे ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता कई मामलों में टाली जा सकती है।
KGMU के लारी कार्डियोलॉजी विभाग की यह उपलब्धि न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे क्षेत्र में हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से अब जटिल हृदय रोगियों को कम जोखिम और कम समय में बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
