लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित समिट बिल्डिंग में मंगलवार को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने एक संदिग्ध फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की गई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके से लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, सर्वर और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां से कथित तौर पर साइबर ठगी का संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि गिरोह फोन कॉल, ईमेल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को झांसे में लेकर बैंकिंग और तकनीकी सहायता (टेक सपोर्ट) के नाम पर ठगी करता था।
डिजिटल साक्ष्यों की होगी फॉरेंसिक जांच
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। साइबर विशेषज्ञ इन डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करेंगे, जिससे यह पता लगाया जा सके कि ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था, किन-किन राज्यों या देशों तक फैला हुआ था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है, इसलिए सभी हिरासत में लिए गए लोगों को आरोपी नहीं माना जा सकता।
साइबर ठगी से कैसे बचें?
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक खाते की जानकारी साझा न करें।
टेक्निकल सपोर्ट या बैंक अधिकारी बनकर आने वाली संदिग्ध कॉल पर तुरंत सतर्क हो जाएं।
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
लगातार बढ़ रहे हैं साइबर अपराध
डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ-साथ साइबर अपराध के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है। ऐसे में पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर फर्जी कॉल सेंटर और साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। लखनऊ की समिट बिल्डिंग में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
