वैश्विक तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 100 सबसे अधिक गर्म शहरों में भारत के 92 शहर शामिल हैं। यह आंकड़ा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के गंभीर प्रभावों की ओर भी इशारा करता है।रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कई बड़े और मध्यम शहरों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, जयपुर, नागपुर और पटना जैसे शहरों में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इन शहरों में दिन के समय तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से हो रहा शहरीकरण, पेड़ों की कटाई, बढ़ते वाहन, औद्योगिक प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन इस स्थिति के मुख्य कारण हैं। शहरों में कंक्रीट का विस्तार ‘हीट आइलैंड इफेक्ट’ को बढ़ावा दे रहा है, जिससे तापमान और अधिक बढ़ रहा है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, थकान और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।पर्यावरणविदों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है। वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देना समय की मांग है।
