बचत करने का सबसे आसान तरीका है RD, जानिये RD कैसे करें और क्या हैं लाभ


अधिकतर निवेशक रेकरिंग डिपॉजिट (RD) को अपना सबसे लोकप्रिय एवं सुरक्षित माध्यम मानते है।

RD में इन्वेस्ट करने से लिक्विडिटी की सुविधा रहती है यानि आप अणि सुविधा अनुसार पैसा निकाल सकते हैं। इससे आप अपनी छोटी छोटी ज़रूरतों के लिए पूँजी इकठ्ठा कर सकते हैं। किसी इमर्जेंसी के दौरान ज़रूरी फंड तैयार करने का RD एक बढ़िया माध्यम है| इसीलिए एक RD अकाउंट खोलना, बचत की दिशा में उठाया जाने वाला एक बुनियादी कदम है, जिससे आगे चलकर एक बड़ी रकम तैयार करने में काफी मदद मिलती है।

क्या है RD अकाउंट ?

RD एक मासिक बचत स्कीम है जो एक निवेशक की थोड़ी थोड़ी बचत से एक बड़ी रकम तैयार करने में मदद करता है। RD स्कीम उन लोगों में काफी लोकप्रिय है जो अनुशासन के साथ सेविंग करने के साथ-साथ रिस्क-फ्री तरीके से तरलता बनाये रखना करना चाहते हैं। एक RD अकाउंट का ब्याज दर उतना ही होता है जितना उसी मच्योरिटी पीरियड के लिए एक टर्म डिपॉजिट का होता है। इसका ब्याज दर इसके सम्पूर्ण कार्यकाल तक फिक्स्ड रहता है, इसलिए निवेशक आसानी से पता लगा सकते हैं कि कार्यकाल के पूरा होने पर उन्हें कुल मिलाकर कितनी रकम मिलेगी।

कुछ मामलों में एक RD में हर महीने कम-से-कम 10 रु. जमा करने की इजाजत है और इसका कार्यकाल आम तौर पर छः महीने से 10 साल तक का होता है। अधिकांश बैंकों द्वारा हर तीन महीने पर ब्याज को मूलधन में जोड़ दिया जाता है।




RD अकाउंट में निवेश किए जाने वाले इंस्टॉलमेंट को उससे जुड़े बैंक खाते से काटा जा सकता है या हर महीने सीधे संबंधित RD अकाउंट में आवश्यक रकम जमा की जा सकती है।

क्या हैं RD अकाउंट के फायदे

RD अकाउंट किसी निवेशक को एक आकर्षक ब्याज दर पर मौजूदा निवेश राशि के बदले बैंक से एक लोन लेने की सुविधा देता है। इसलिए आप अपने निवेश राशि को छुए बिना किसी इमर्जेंसी के दौरान अपने RD के बदले एक लोन ले सकते हैं। यदि आप एक ऐसे RD में निवेश करते हैं जिसका ब्याज दर बहुत अधिक है, तो आपको तब भी उतना ही ब्याज मिलता रहेगा, जब बैंक, RBI के प्रचलित रीपो रेट के आधार पर अपने डिपॉजिट रेट कम कर देगा। आप ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से या अपने बैंक के ब्रांच में जाकर एक RD अकाउंट खुलवा या बंद करवा सकते हैं।

आप अपने RD अकाउंट के कार्यकाल के पूरा होने से पहले भी अपनी निवेश राशि निकाल सकते हैं जिस पर लागू होने योग्य ब्याज दर पेनल्टी लग सकती है। सीनियर सिटीजन निवेशकों को आम तौर पर सामान्य निवेशकों से 0.5% ज्यादा इंट्रेस्ट मिलता है।

यदि साल भर मे RD निवेश से कमाया गया कुल ब्याज 10 हजार रु. से अधिक है, तो आपको एक निर्धारित दर पर TDS देना पड़ सकता है। RD इंस्टॉलमेंट के पेमेंट में चूक हो जाने पर शुरू में चुने गए कार्यकाल के आधार पर एक निर्धारित दर पर एक पेनल्टी देनी पड़ सकती है।

आपको RD में क्यों निवेश करना चाहिए?

ब्याज दर एक बार फिर से बढ़ रहा है और RD में निवेश करने से आपको अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म फाइनैंशल गोल्स को आसानी से पूरा करने में मदद मिल सकती है। RD आपको रिस्क-फ्री तरीके से आवश्यक रकम बचाने में मदद कर सकता है।

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