जीएसटी रेट पर PM मोदी बोले, दूध और मर्सडीज पर नहीं लग सकता एक जीएसटी रेट


जीएसटी के एक साल पूरा होने के मौके पर पीएम मोदी ने कहा है कि यह सहकारी संघवाद का सबसे अच्छा उदाहरण है।

मीडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में पीएम मोदी ने जीएसटी के तहत एक ही दर तय किए जाने के सवाल पर कहा, ‘यह कहना आसान है कि एक ही स्लैब रखा जाए, लेकिन फिर हम किसी फूड आइटम को जीरो पर्सेंट पर नहीं रख पाएंगे। क्या हम दूध और मर्सडीज पर एक समान टैक्स लगा सकते हैं?’

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस में हमारे मित्र कहते हैं कि जीएसटी का एक ही रेट रहना चाहिए। क्या वह यह भी कहेंगे कि फिर हमें फूड आइटम्स और कमोडिटीज पर भी टैक्स लगाना चाहिए। जिन पर अभी जीरो, 5 या 18 फीसदी तक ही टैक्स लगता है।’

जीएसटी लागू होने के चलते अब तक हुए फायदों को लेकर पूछे गए सवाल पर मोदी ने कहा, ‘मैं कुछ आंकड़ों के जरिए बात करना चाहूंगा। आजादी के बाद से अब तक 66 लाख इंटरप्राइजेज का रजिस्ट्रेशन कराया गया था। लेकिन, जीएसटी लागू होने के बाद एक साल के भीतर ही 48 लाख नए रजिस्ट्रेशन कराए गए। 350 करोड़ इनवॉइस प्रॉसेस किए गए और 11 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए। क्या जीएसटी को जटिल बताने से पहले हमें इन तथ्यों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।’




देश भर में चेक पोस्ट हटे, लाइनें घटीं

पीएम मोदी ने जीएसटी के फायदे गिनाते हुए कहा कि देश भर में चेक पोस्ट खत्म हो गई हैं और राज्यों की सीमाओं पर लाइनें लगनी बंद हो गई हैं। इससे ट्रक ड्राइवरों का समय तो बच ही रहा है, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी तेजी मिली है। इसके अलावा देश के प्रोडक्शन में भी इजाफा हुआ है। यदि जीएसटी जटिल होता तो क्या यह सुविधा होती।

150 आइटम्स पर टैक्स किया जीरो पर्सेंट

भविष्य में जीएसटी की दरों में कमी की संभावनाओं को लेकर पूछने पर पीएम मोदी ने कहा, ‘रेट्स की बात करें तो पहले कई तरह के पता नहीं चलते थे। अब आप जो चुकाएंगे, उसके बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। सरकार ने करीब 400 तरह के आइटम्स पर टैक्स में कटौती कर दी है। तकरीबन 150 तरह के आइटम्स पर जीरो पर्सेंट टैक्स कर दिया गया है।’

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