संस्कृति की हत्या पर राजनीति क्यों ?


रिपोर्टर-अमित कुमार

स्थान-बलिया (यू पी)

भले ही यूपी सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का नारा देती है मग़र कैसे पढ़ेगी बेटियाँ और कैसे बचेगी बेटियाँ? देश मे बच्चियों एवं औरतों के साथ भयवीय घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं और इनके साथ हो रही क्रूरता रोकने में प्रशासन बुरी तरह फेल हैं।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र के भगवानपुर की रहने वाली बेटी संस्कृति राय की लखनऊ संदेहास्पद मौत के बाद पूरा परिवार सदमें में है। जो बेटी कल्पना चावला को अपना आदर्श मानती थी। जो अंतरिक्ष पर जाने का सपना आखों मे सजाये थी। जिसे मां-बाप के नाम रोशन करने की जिद थी। उसी बेटी की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। अब पिता उमेश राय योगी सरकार पर हमलावर हैं उनका कहना है कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज़ नहीं है।

कक्षा 12वीं में 92 फीसदी अंक हासिल करने के बाद वो पालिटेक्निक में एडमीशन लेना चाहती थी। बीटेक करने के बाद वो इसरो के लिए अप्लाई करना चाहती थी। बेटी की सोच देख वकील पिता ने लखनऊ के एक कालेज में उसका दाखिला करा दिया। बेटी का कालेज बंद हो जाने के बाद घर वालों ने उसे घर आने को कहा। पांच जुलाई को संस्कृति राय का जन्मदिन था। वो गुरूवार को लखनऊ स्थित अपने कमरे से बलिया आने के लिए निकली।

दरअसल, बलिया के फेफना, भगवानपुर गांव निवासी अधिवक्ता उमेश कुमार राय की बेटी संस्कृति पॉलीटेक्निक कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पिता उमेश कुमार के मुताबिक, पिछले साल बेटी का पॉलीटेक्निक में दाखिला हुआ था। वह सालभर हॉस्टल में रही। दूसरे साल हॉस्टल नहीं मिल पाया तो वह इंदिरानगर सेक्टर 19 में राजेंद्र अरोड़ा के मकान में किराये पर रहने लगी।

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घर आने के लिए बेटी संस्कृति राय ने पिता से बात की। उसने बताया की वो घर से निकल रही है। उसे अपनी सहेली नीलम के साथ घर आना था। लेकिन रास्ते में ही नीलम को संस्कृति घायल अवस्था में लखनऊ के मड़ियांव घैला पुल के पास खाई में मिली। उसी अवस्था में उसे ट्रामा सेंटर में ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

संस्कृति को बेहद पसंद थे आम, पिता ने कई दिन पहले से लाकर रख लिए थे
पिता उमेश राय बेटी के आने की सूचना पर कई दिनों से पेड़ का ताजा आम बेटी के लिए रखे जा रहे थे। माँ बाप का कहना था कि मेरी होनहार बिटिया आयेगी तो आम खाकर खूब खुश हो जायेगी। इतना ही नहीं बेटी को देने के लिए उसके पिता ने एक कूलर भी खरीदा था। जिसे उसके जन्मदिन पर भेंट करने की योजना थी सब धरा का धरा रह गया। बेटी की मौत ने पूरे परिवार पर पहाड़ सा गिरा दिया।




इस घटना से दुखी पिता बेहद आहत हैं और योगी सरकार की कानून व्यवस्था को पूरी तरह नाकाम बता रहे हैं। उनकी मांग है कि संस्कृति की हत्या करने वालों का खुलासा कर उन्हे चौराहे पर गोली मारी जाये। हालांकि पुलिस संदेह जता रही है कि किसी ऑटो वाले ने लूट के इरादे से संस्कृति राय की हत्या कर दी थी| 8 दिन बीत जाने के बाद कोई अपराधी नहीं गिरफ्तार हुए हैं| इसी दौर में अलग-अलग राजीनीतिक पार्टियां ने अपनी-अपनी रोटी सेकने लगे हैं।

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नेताओं के लिए संस्कृति के पिता से मिलकर सहानभूति का दौर शुरू है। जहाँ कांग्रेस के अजय राय अपने पार्टी के नेताओ संग बीजेपी सरकार को घेरने की क़वायद शुरू करदी है। काँग्रेस के नेता के अनुसार इस मामले को लेकर कांग्रेस गंभीर हैं और दोषी को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने की बात भी कही है|

कांग्रेस नेता के अनुसार यदि दोषी जल्द से जल्द गिरफ़्तार नहीं हुआ तो परिवार को न्याय दिलाने के लिए काँग्रेस पार्टी सरकार के खिलाफ़ सड़क पर उतरेगी । वही संस्कृति राय के परिजनों ने आरोप लगाया हैं कि उनके साथ भेद-भाव किया जा रहा हैं। केस की जांच जारी है और मामले का खुलासे का इंतज़ार हैं| देखना है कि आखिर संस्कृति को न्याय कब मिलेगा|

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