नमाज पर विवाद: हरियाणा के मंत्री अनिल विज बोले, ‘जमीन कब्जाने की नीयत से ना पढ़ें नमाज’


हरियाणा में नमाज को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच अब राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी कूद गए हैं| विज के अनुसार कभी-कभार जरूरत पढ़ने पर बाहर भी नमाज पढ़ी जा सकती है।लेकिन ज़मीन कब्ज़ा करने की नियत से बाहर नमाज़ पढ़ना ग़लत है| बता दें कि गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़े जाने को लेकर विवाद होने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि नमाज बाहर नहीं ईदगाह या मस्जिद में ही पढ़ी जानी चाहिए।

अब अनिल विज ने कहा है, ‘कभी-कभार अगर किसी को जरूरत पड़ जाती है तो धर्म की आजादी है लेकिन किसी जगह को कब्जा करने की नीयत से नमाज पढ़ना गलत है। उसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है।’ इससे पहले सीएम खट्टर ने कहा था, ‘यह हमारी ड्यूटी है कि कानून और व्यवस्था को बनाया रखा जाए। खुले में नमाज पढ़ने का प्रचलन बढ़ा है। सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने की बजाय मस्जिद और ईदगाह में जाना चाहिए।’

लगे थे ‘बांग्लादेशी वापस जाओ’ जैसे नारे

हाल ही में गुरुग्राम में हिंदूवादी संगठनों के कुछ लोगों की ओर से कई इलाकों में नमाज में बाधा पहुंचाए जाने की बात सामने आई थी। शहर के कई इलाकों में भीड़ की ओर से ‘जय श्री राम’ और ‘बांग्लादेशी वापस जाओ’ जैसे लगाए जाने और नमाज में बाधा पैदा करने के चलते अजीब माहौल हो गया था। खासतौर पर यह घटनाएं शहर के व्यस्त इलाकों इफको चौक, उद्योग विहार, लेजर वैली पार्क और एमजी रोड पर हुई थीं।




नमाज के बहाने जमीन कब्जाने का आरोप

हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे। विरोध करने वाले लोगों को कहना था कि जिन 6 युवाओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, वे सरकारी जमीन पर नमाज पढ़े जाने का विरोध कर रहे थे। यही नहीं उनका यह भी पक्ष था कि सरकारी जमीनों पर कब्जे की रणनीति के तहत वहां नमाज पढ़ी जा रही है।

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